मंगलवार, 16 जुलाई 2013

(लघुकथा) गधापुराण



बहुत पुरानी बात है. कहीं दूर, गधों का एक देश था. उस देश में बहुत सी कंपनि‍यां थीं. हर कंपनी की एक कस्टमर केयर सेवा थी.  हर कस्टमर केयर सेवा में अंग्रेज़ी बोलने वाले भांति‍-भांति के गधे बैठे होते थे जि‍न्‍हें उनके ऊपर वाले गधों ने कुछ-कुछ गधई नि‍र्देश दि‍ए हुए होते थे. सबसे मज़े की बात यह, कि जैसे गधों के सींग नहीं होते, उसी तरह उन गधों के भी न तो नाम होते थे और न ही टेलीफ़ोन नम्‍बर. वे सब सामूहि‍क रूप से केवल ‘टोल-फ़्री कस्टमर केयर नंबर’ के नाम से जाने जाते थे.  वे गधे एकदम बबुआ कि‍स्‍म के गधे होते थे जि‍न्‍हें पता ही नहीं होता था कि FAQ (बार-बार पूछे जाने वाले प्रश्‍न) के अलावा भी, बाहर एक अलग दुनि‍या हो सकती थी. मतलब यह कि वोह नि‍रे गधे थे. उनकी पूरी की पूरी दुनि‍या ही गधेड़ी थी. हालत यह थी कि उनके मालि‍क गधे थे, उनके मैनेजर गधे थे. उनके नौकर गधे थे, उनके कॉल-सेंटर/ कस्टमर केयर सेवा में भी गधे ही गधे थे. और तो और, उनके जो ग्राहक थे वे तो उन सबसे बड़े गधे थे, वर्ना उनके ग्राहक ही क्‍यों होते.

उस देश के हाकि‍म ने एक दि‍न KYC (अपने ग्राहक को जानें) का हल्‍ला मचा मारा. बस फि‍र क्‍या था, हर ग्राहक साल दर साल, पता ही नहीं कि‍तनी बार KYC-टाइप काग़ज़ देता रहता. हालत तो यह हो गई कि ग्राहकों को पूरा भरोसा हो चला था कि भवि‍ष्‍य में भी, उनसे इसी तरह के काग़ज़ात देते रहने का अलौकि‍क सुख कभी छीना ही नहीं जाएगा. उन्‍हें कभी-कभी ख़्याल भी आता कि उस देश में जगह-जगह फैले तरह-तरह के ओम्‍बड्समेन्‍न की पगार जस्‍टीफ़ाई करने का वे ज़रि‍या बनें पर फि‍र मुस्‍करा कर टहल भर जाते खुद से ये कह कर कि -''चलो, छोड़ो यार, गोली मारो. ', गधे जो ठहरे.
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15 टिप्‍पणियां:

  1. क्या कहा जाये? अपन भी किसी न किसी कंपनी के कस्टमर तो हैं ही।

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  2. दिल का दर्द निचोड़ कर रख दिए हैं मालिक.. :)

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  3. इस KYC के चक्कर में ऐसे लगे हैं कि गधे बिना काम भी नहीं चलना। सोम से शनि के अलावा लगातार दो रविवार भी इसी में लगे हैं।
    उस दिन आपका दो दिन के वीकेंड वाला स्टेटस देखकर जो हाल हुआ था, बयान करने बैठे तो टिप्पणी पोस्ट से लंबी हो जायेगी :)

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  4. पहुंचे हुए गधे हैं, बहुत बोझ उठा रहे हैं ...

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  5. शुभप्रभात
    रोचक कहानी
    हार्दिक शुभकामनायें

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  6. हा-हा-ह… भाई साहब, गलत बात है। आपको याद दिलाने की जरूरत नहीं कि जब आपको कंपनी ने अप्वाइंटमेंट लैटर दिया होगा तो उसमे एक कलोंज यह भी रहा होगा कि " You shall maintain complete secrecy with regard to the company’s business and any breach of this will make you liable for immediate dismissal"

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  7. http://antarsohil.blogspot.in/2010/10/blog-post_18.html

    वर्ना वे उनके ग्राहक क्यों होते
    बडे वाले गधे (हम भी) :-)

    प्रणाम

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  8. सही लिखा है, ग्राहक ही सबसे बडे गधेडे हैं तभी तो गधों के पल्ले पड गये हैं.

    रामराम.

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