शुक्रवार, 30 दिसंबर 2011

नया साल

जेब में पैसा
तो नया साल.
पैसा नहीं
तो
एक और कम्बख़्त
कड़कड़ाती सुबह.
    000

7 टिप्‍पणियां:

  1. जश्न के लिए हाँ आज तो बस पैसा चाहिए ...

    जवाब देंहटाएं
  2. ऊपर से कोहरे की मार, 4x4 पार्किंग लाईट और फोग लाईट जला कर चलना पड़ता है, बैटरी पर लोड, तेल का कंजम्सन :)

    जवाब देंहटाएं
  3. नव वर्ष कि हार्दिक शुभकामनायें ...:-)

    जवाब देंहटाएं
  4. @ रश्मि जी
    आपका कहना तो ठीक है किंतु नए ब्लागर में वर्ड वेरीफ़िकेशन हटाने का प्रावधान नहीं मिला.

    जवाब देंहटाएं