मंगलवार, 29 नवंबर 2011

(लघु कथा) पश्चाताप

 
थाने में विजिलेंस विभाग की रेड़ पड़ी. थाना इंचार्ज घूस लेते रंगे हाथ पकड़ा गया.

उसे अपने यूं पकड़े जाने का बहुत मलाल था.... "ओह. कितनी मुश्किल से, इतने नोट चढ़ा के तो थाना मिला था. मुए रक़म वसूल होने से पहले ही छापा मारने आ धमके. अब पता नहीं रिइन्स्टेट होने में कितन टाइम लगे... तब कहीं जाकर थाने में दोबारा पोस्टिंग हो पाएगी."
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